हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,ईरान के शहर सनंदज के सुन्नी आलिम मौलवी मोहम्मद अमीन रास्ती ने कहा है कि दुश्मन अपने बुरे और गलत मकसद पूरे करने के लिए हर तरह के तरीके अपनाता है। उन्होंने कहा कि इस्लामी क्रांति की शुरुआत से ही दुश्मन की कोशिश रही है कि जनता और इस्लामी व्यवस्था को आमने-सामने खड़ा कर दिया जाए, इसलिए ईरानी जनता को हमेशा सतर्क और समझदार रहना चाहिए।
मौलवी रास्ती ने कहा कि 12 दिन की जंग के दौरान दुश्मन इस गलतफहमी में था कि वह इस्लामी गणराज्य ईरान की सरकार को गिरा देगा, लेकिन वह अपने इस मंसूबे में पूरी तरह नाकाम रहा और उसे शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि दुश्मन को यह भी उम्मीद थी कि हमलों के पहले ही दिन देश के अंदर बड़े पैमाने पर अशांति फैल जाएगी, लेकिन इसके उलट इन हमलों ने ईरानी जनता को और ज़्यादा एकजुट कर दिया। लोगों ने ज़ायोनी और अमेरिकी मोर्चे के खिलाफ एकता दिखाई।
सनंदज के उप इमाम जुमआ ने ज़ोर देकर कहा कि दुश्मन हमेशा जनता और सरकार के बीच फूट डालने की साज़िश करता रहा है और इसके लिए हर तरह के साधनों का इस्तेमाल करता है।इसलिए ज़रूरी है कि लोग दुश्मन की पुरानी और नाकाम साज़िशों में न फँसें।
मौलवी रास्ती ने आगे कहा कि यह एक कड़वी सच्चाई है कि अमेरिका, पश्चिमी देश और खास तौर पर ज़ायोनी ताक़तें कभी नहीं चाहतीं कि ईरानी जनता चैन और अमन से रहे। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में व्यापारियों के विरोध को बहाना बनाकर दुश्मन मीडिया जिस तरह माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है, वह इसका साफ़ सबूत है।
आख़िर में उन्होंने कहा कि दुश्मन मीडिया और सैटेलाइट चैनल दिन-रात कोशिश कर रहे हैं कि जनता की जायज़ माँगों को अराजकता की तरफ मोड़ दिया जाए, लेकिन अल्लाह हमेशा इस व्यवस्था और ईरानी जनता का मददगार रहा है और आगे भी रहेगा।
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